विद्या: आह राजीव, क्या कर रहे हो?
तभी राजीव आगे आके बोला: तुम बस मजे लो जान। आज कुछ तूफानी करेंगे हम।
फिर राजीव पीछे हट गया और मैंने दोबारा विद्या की चूत पर अपना मुंह लगा लिया। उसकी चूत की खुशबू मस्त करने वाली थी। अब मैं उसकी चूत पर जीभ फिराने लगा। वो आह आह करने लगी। उसको मजा आ रहा था। जिस तरह से उसने राजीव से हैरान होकर पूछा था कि वो क्या कर रहा था, मैं समझ गया था कि राजीव ने कभी उसकी चूत नहीं चाटी होगी।
फिर मैंने एक हाथ से विद्या की चूत का मुंह खोला और अपनी जीभ अंदर डालने लगा। इससे वो और गहरी आहें भरने लगी। मैं जितनी हो सके अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डालने लगा। वो मस्त मजा ले रही थी।
अब मैंने उसकी चूत के दाने को जीभ से सहलाना शुरू कर दिया। अब वो इतने मजे में थी, कि उसकी गांड ऊपर की तरफ उठ रही थी। वो आह राजीव, ओह राजीव बोल, बहुत मजा आ रहा है राजीव, करते रहो राजीव बोल रही थी। धीरे-धीरे मैंने उसकी चूत के दाने को सहलाने की स्पीड तेज कर दी। इससे वो पागल हो गई। उसको जल्दी ही चरमसुख मिल गया और वो झड़ गई।
विद्या की चूत से ताजा गरम-गरम पानी निकला, जिसको मैं पूरा पी गया। फिर मैंने उसकी चूत को चाट कर साफ कर दिया। उसकी चूत का पानी पी कर मुझे और जोश आ गया, लेकिन विद्या ठंडी पड़ गई।
फिर मैं ऊपर गया, और विद्या के होंठ चूसने लगा। अब क्योंकि वो एक बार झड़ चुकी थी, तो उसके साथ उसका पति था या नहीं, उसको ध्यान कम ही आने वाला था। मैं जब उसके होंठ चूस रहा था, तो वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। होंठ चूसने के बाद मैं उसकी गर्दन और बूब्स भी चूसने लगा। इससे विद्या दोबारा गरम होने लगी और आह आह करने लगी।
मैं उसकी गर्दन को चूमने के साथ चाट भी रहा था। उसके मुंह के अंदर जीभ डाल कर उसकी जीभ के साथ खेल रहा था। वो भी पूरा साथ दे रही थी। अभी तक उसको कुछ पता नहीं चला था कि मैं उसका पति था या कोई और। मेरा खड़ा हुआ लंड नीचे उसकी चूत के साथ टकरा रहा था।
तभी विद्या अपना एक हाथ नीचे लेके गई, और मेरा लंड पकड़ कर हिलाने लगी। मेरा लंड पकड़ कर वो बोली-
विद्या: राजीव, आज क्या खा कर आए हो। हमेशा यहीं खाया करो।
ये बोल कर वो मेरे लंड को खुद ही अपनी चूत पर रगड़ने लगी। इससे पता चल रहा था कि उसको चुदाई की कितनी प्यास थी। जब उसने लंड का टोपा अपनी चूत पर सेट किया, तो मैंने दबाव बनाना शुरू किया। इससे मेरा टोपा उसकी टाइट चूत के अंदर चला गया। मेरा लंड राजीव के लंड से काफी बड़ा है, तो मोटा टोपा अंदर जाने से वो चीख पड़ी। उसकी चीख सुन कर मैं रुका, तो वो बोली-
विद्या: रुको मत, आज फाड़ दो इस चूत को। साली ने बहुत तंग कर रखा है।
ये सुन कर मैं समझ गया कि वो किसी भी कीमत पर चुदना चाहती थी। फिर मैं दबाव बनाता रहा और मेरा लंड उसकी चूत में जाता रहा। जब आधा लंड अंदर चला गया, तो उसने मेरी छाती पर हाथ रख कर मुझे रोकने की कोशिश की। लेकिन मैं पहले से ही बहुत इंतजार कर चुका था, और अब और रुकने नहीं वाला था।
मैंने दबाव बनाना जारी रखा, और विद्या चीखने लगी। मैंने उसका मुंह अपने मुंह से बंद कर लिया। ऐसे करते-करते मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। अब मैं रुक गया। वो तड़प रही थी।
कुछ देर तड़पने के बाद वो थोड़ी शांत हुई। फिर उसने मेरी पीठ थपथपाई जैसे कह रही हो कि चुदाई शुरू करो। मुझे उसको तड़पाने में मजा आ रहा था, तो मैंने लंड बाहर निकाल कर 2-3 धक्के मारे। इससे वो और तड़प उठी।
जोर के धक्के लगाने के बाद मैं आराम से उसकी चुदाई करने लगा। अब उसको मजा आने लगा। मैंने उसके होंठ छोड़ दिए। अब वो आह आह की कामुकता भरी सिसकियां ले रही थी। उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी, जिससे चप-चप की आवाजें आ रही थी।
फिर मैं धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाने लगा। साथ में उसके बूब्स चूसने और काटने लगा। वो अब पूरे मजे में थी, और मुझे और जोर से करने को बोल रही थी। मैं समझ गया था कि उसके अंदर की रंडी बाहर आ चुकी थी।
तभी मैंने विद्या की आंखों पर लगी पट्टी को उतार दिया। वो मुझे देख कर हैरान हो गई। लेकिन मैंने धक्के मारने जारी रखे। कुछ देर उसने मुझे हैरानी से देखा। उसकी एक नज़र मुझ पर जाती, और दूसरी राजीव पर। लेकिन मैंने धक्के मारने जारी रखे। फिर शायद उसको समझ आ गया कि क्या हो रहा था, इसलिए वो चुदाई का मजा लेने लगी।
अब हम दोनों होंठ चूसते हुए चुदाई कर रहे थे। कुछ देर में मैंने उसको अपने ऊपर चढ़ा लिया। अब वो मेरे लंड पर उछल-उछल कर चुदाई का मजा ले रही थी। साथ में वो अपने चूचे दबा रही थी। मैं समझ गया था कि उसकी चूत का रास्ता मेरे लिए हमेशा के लिए खुल चुका था, और अब वो मेरी पर्सनल रंडी थी।
कुछ देर ऐसे ही उछलती रही, फिर मैंने अपना माल उसकी चूत में ही निकाल दिया। अब वो मेरे ऊपर गिर कर मुझसे लिपट गई।
थोड़ी देर बाद जब बातें हुई, तो राजीव ने उसको सब सच बताया। उसने राजीव से माफी मांगी और थैंक्यू बोला। अब सब खुश थे। जितने दिन हमने मनाली में बिताए मैंने विद्या को बहुत चोदा। वहां से आने के बाद भी चोदा। अब भी चोदता हूं, और आगे भी चोदूंगा।