Internet friend sex story, Skype sex story, Bhai behen chudai sex story: हाय दोस्तों, मैं हूं ज्योति अमृतसर से। बी.कॉम थर्ड ईयर में पढ़ रही हूं। मेरी हाइट 5 फीट 6 इंच है, रंग साफ है। मेरे बूब्स 36 के हैं, एकदम टाइट-टाइट, और निप्पल ब्राउन कलर के हैं। मेरी कमर पतली है 29 की, और हिप्स का साइज 37 है। मेरी गांड बाहर की तरफ निकली हुई है, मैं चलती हूं तो रबड़ की तरह हिलती है। मुझे टाइट-टाइट कपड़े पहनने का बहुत शौक है, जिससे मेरा फिगर साफ दिखाई देता है।
हम घर में चार लोग रहते हैं। हम काफी रिच हैं। मेरे मॉम और डैड दोनों गवर्नमेंट जॉब करते हैं। मेरा एक ब्रदर है जो मुझसे 2 साल छोटा है, उसका नाम सोनू है। बहुत ही गोरा और लंबा है सोनू। हमारा अलग-अलग रूम है। घर में एक कंप्यूटर है जो सोनू के रूम में है, और एक लैपटॉप जो मेरे रूम में है। सोनू के कंप्यूटर में नेट लगा हुआ है लेकिन मेरे लैप पर नहीं।
मैंने घरवालों से नेट लगवाने की बात की लेकिन उन्होंने मना कर दिया ये कहकर कि तुम बिगड़ जाओगी। लेकिन उन्हें ये तो पता ही नहीं था कि मैं स्कूल टाइम से ही बिगड़ चुकी हूं। मेरे स्कूल टाइम में ही दो-दो बॉयफ्रेंड रह चुके थे, जिसमें से एक बीएफ के साथ सेक्स कर चुकी थी लेकिन उसके साथ मेरा ब्रेकअप हो चुका था। ये सब तो चलता ही रहा। एक दिन घरवालों को पता चल गया कि मेरा अफेयर चल रहा था। उसके बाद मेरी सारी आजादी छिन गई। मैं अब सारा दिन घर ही रहती थी।
मैंने न्यू मोबाइल पर्चेज किया था। मैं घरवालों से छुपकर मोबाइल से लैपटॉप को कनेक्ट करके इंटरनेट चलाना शुरू किया। रात का टाइम था लेकिन स्काइप में आईडी बनाई और फ्रेंड्स को सर्च करना शुरू कर दिया। मैंने अपने ही शहर का “नेट फ्रेंड” सर्च किया।
और अपने ही कॉलोनी के बहुत से फ्रेंड मिले, जिससे मुझे एक फ्रेंड अच्छा लगा क्योंकि उसने मेरे फेवरेट हीरो इमरान खान की पिक लगाई हुई थी। उसने अपना नाम हार्ट रोबर लिख रखा था। मुझे वो पसंद आया और मैंने उसे रिक्वेस्ट की। 15 मिनट तक मैं चली रही। उसके बाद मुझे एक नोटिस आया कि हार्टरोबर ने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली है। और चैट बॉक्स पर उसके साथ चैट शुरू हो गई।
एचबी मतलब हार्टरोबर। एचपी हाय।
मैं: हाय।
एचपी: हाय, हाउ आर यू?
मैं: हाय, आई एम फाइन डियर, हाउ आर यू?
एचपी: आई एम फाइन।
एचबी: कैन वी बी फ्रेंड्स?
मैं: येस, ऑफकोर्स।
एचबी: व्हेयर आर यू फ्रॉम?
मैं: अमृतसर, एंड यू?
एचबी: अमृतसर।
मैं: अमृतसर में कहां रहते हो?
एचबी: सेक्टर 5।
मैं भी यहीं रहती हूं इसलिए।
मैं: मैं भी यहीं रहती हूं।
एचबी: क्या करती हो?
मैं: थर्ड ईयर, एंड यू?
एचबी: मैं भी थर्ड ईयर।
हम इसी तरह से रात 2 बजे तक बात करते रहे। उसके बाद हमने एक-दूसरे को गुडनाइट कहा।
मैं सुबह 11 बजे उठी। मेरे कॉलेज की होलीडे चल रही हैं। सुबह मॉम और डैड दोनों ब्रेकफास्ट बनाकर चले जाते हैं। मैं उठी, ब्रेकफास्ट किया। सारा दिन बोर होकर निकल गया। उसके बाद रात हुई। मैंने उसे 11 बजे का टाइम दे रखा था तो मैं टाइम के मुताबिक डिनर करके अपने रूम में आई।
और देखा कि कोई नहीं है तो मैंने मोबाइल निकाला और लैप के साथ कनेक्ट कर दिया। मैंने देखा कि वो भी ऑनलाइन है। उसने मुझे अपना नाम सनी बता रखा था।
मैं: हाय, सॉरी यार लेट होने के लिए।
एचबी: कुछ नहीं होता यार, और दोस्तों क्या चल रहा है आजकल?
मैं: कुछ नहीं, बोर हो रही हूं।
एचबी: कोई बीएफ नहीं है तुम्हारा?
मैं: नहीं, मैं सिंगल हूं, एंड यू?
एचबी: मैं भी सिंगल हूं। मैं एक गर्लफ्रेंड की तलाश में हूं।
मैं: अछा जी, तो कैसी लड़की चाहिए तुम्हें?
एचबी: मुझे अच्छी, सुंदर और सेक्सी चाहिए जो मिनी से भी मिनी स्कर्ट्स पहनती हो। एंड यू को कैसा लड़का चाहिए?
मैं: मुझे मस्त लड़का चाहिए जो रिच हो, स्मार्ट हो और डैशिंग हो। जो मुझे पागलों की तरह प्यार दे।
एचबी: वैसे मैं भी कुछ कम नहीं।
मैं: अछा जी।
एचबी: मेरे बारे में क्या ख्याल है जानू? मैं तुम्हें जान से प्यारी रखूंगा।
मैं: अछा जी, लेट्स सी।
मैं उसकी जीएफ बनने के लिए राजी हो गई। उसने मुझे अपनी एक फेक पिक दिखाई जिसमें एक मॉडल था। हम उसी बात करते रहे। 3 बज गए और हम सो गए।
अगली रात को हम फिर से चैट कर रहे थे। उसने मुझसे सेक्स चैट करनी शुरू की।
एचबी: तुम्हारे बूब्स का क्या साइज है?
मैं: 36 है।
एचबी: वाउ, एंड तुम्हारी हिप्स?
मैं: 37।
एचबी: नाइस।
मैं: तुम्हारे पेनिस का क्या साइज है?
एचबी: 7.4।
मैं: नाइस।
एचबी: मैं तुम्हारे बूब्स को देखना चाहता हूं।
मैंने पहले मना किया लेकिन उसके लाख कहने के बाद मैंने अपनी टी-शर्ट उतारी और अपने बूब्स कैमरे के सामने सेट किए, जिससे सिर्फ मेरे बूब्स ही नजर आ रहे थे।
एचबी: वाउ, क्या बूब्स हैं डार्लिंग, मेरा तो देखकर खड़ा हो गया।
मैं: मैं तुम्हारे पेनिस को देखना चाहती हूं।
उसने अपना कैमरा ऑन किया। मैंने उसका पेनिस देखा, क्या कमाल का लंड था। मैं तो हैरान ही हो गई थी देखकर। उसकी सफेद कलर की टी-शर्ट दिखी जिसपर नॉडी बना हुआ था और ब्लू कलर की लोअर। वो मेरे बूब्स देख रहा था और मैं उसका लंड देख रही थी। वो मुठ मार रहा था और मैं अपनी चूत में उंगलियां कर रही थी।
मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं अपनी चूत में उंगली डालकर हिलाने लगी, “आह्ह… ओह्ह सनी… तेरा लंड कितना मोटा है… इह्ह… देखकर चूत गीली हो गई…” वो भी जोर-जोर से लंड हिला रहा था, “आह्ह ज्योति… तेरे बूब्स चूसने का मन कर रहा है… ओह्ह… तेरी चूत कितनी साफ है…” हम दोनों की सांसें तेज हो गईं। मैं अपनी उंगली तेजी से अंदर-बाहर कर रही थी, चूत से पानी टपकने लगा। उसके लंड से भी प्रीकम निकल रहा था।
उसने अपना माल छोड़ दिया और मैं भी झड़ गई। फिर हमने एक-दूसरे को गुडनाइट बोला। कसम से उस दिन मुझे बहुत मजा आया लेकिन मुझे उस लड़के के कपड़े जाने-पहचाने लग रहे थे। फिर मैं सो गई।
अगली सुबह डैड जॉब पर गए लेकिन मॉम नहीं गए। उन्होंने आवाज लगाई ब्रेकफास्ट के लिए। मैं दौड़ी हुई नीचे आ गई, भूख के मारे। और मेरा ब्रो सोनू भी आ गया।
मैंने देखा कि सोनू ने भी वही टी-शर्ट और लोअर पहना था। मैं सब समझ गई कि ये हार्टरोबर कोई और नहीं मेरा रियल ब्रदर सोनू है। ओह माय गॉड, ये मैंने क्या कर दिया। मुझे ये सोचकर हैरानी होने लगी कि उसने मेरे बूब्स और चूत देख ली और मैंने उसका लंड देख लिया।
उस दिन रात को मैं ऑनलाइन हुई और मैंने कहा कि तुम फेक अगर नहीं हो तो कैमरे में अपना मुंह दिखाओ। तो उसने मुझसे सॉरी बोला और कहा कि मैं वो नहीं हूं जो तुम समझ रही हो। मेरा नाम सोनू है।
मैंने कहा, “इट्स ओके, तुमने सच बोल दिया, यही काफी है।” तो उसने कहा, “मैं अपको देखना चाहता हूं।” मैंने कहा, “नहीं।” उसने कहा, “तुम्हें मेरी कसम।” तो मैंने कैमरा ओपन किया और अपना फेस दिया और कहा, “मैं तुम्हारी सिस ज्योति हूं।”
वो शॉक हो गया। और उसने कहा, “ज्योति ये सब कैसे? और तेरे पास इंटरनेट कैसे आया?” तो मैंने कहा, “सॉरी भाई, मैंने मोबाइल से कनेक्ट किया था।” मैंने उससे कई सॉरी मांगी। वो मान गया और उसने कहा, “तुम्हारे निप्पल बहुत मस्त हैं।” मैंने कहा, “कैसे बातें कर रहे हो भाई?” तो उसने कहा, “अब हमने तो एक-दूसरे को देख ही लिया है तो शरमाना किस बात का? तुम मेरी जीएफ बनी रहो।”
मैं खुश हो गई और कहा, “तुम्हारा पेनिस भी कम नहीं है भाई।” तो उसने कहा, “मेरा मन कुछ करने को कर रहा है ज्योति।” मैंने कहा, “कर लो।” वो खुश हो गया और बोला, “अपनी पिछली वाली विंडो ओपन करो।” मैंने कहा, “ठीक है।” वो अपने रूम को लॉक करके पीछे वाली विंडो से निकलकर मेरी विंडो से आकर मेरे रूम में आ गया। मैंने भी अपना रूम लॉक कर दिया।
वो मेरे पास आया और बोला, “मुझे नहीं पता था कि मेरी बहन इतनी बड़ी हो चुकी है।” और मैंने कहा, “मुझे भी नहीं पता था कि मेरे भाई का इतना बड़ा हो गया है।” वो हंसने लगा। उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे किस करने लगा। मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। मैंने टी-शर्ट और खुला लोअर डाल रखा था।
उसने मेरी टी-शर्ट में हाथ डाल दिया और बोला, “क्या बात है ज्योति, किसी और ने पहले कभी तुम्हारे बूब्स को दबाया है?” मुझे झूठ बोलना पड़ा और मैंने कहा, “नहीं सोनू, तू ही हो पहला खुशकिस्मत।” और उसने जोश में मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे बूब्स को अपने मुंह में ले लिया। उसने मेरे ब्राउन निप्पल को दबा दिया। “आह्ह्ह…” की आवाज निकल गई।
उसने कहा, “आराम से, नहीं तो कोई आ जाएगा।” मैंने कहा, “ओके।” और मैं अपना हाथ उसके लंड पर ऊपर से सहलाने लगी। वो मेरे बूब्स को दबा रहा था और मुझे लिप किस कर रहा था। मैंने उसका लंड बाहर निकाला और उस पर अपना हाथ फेरने लगी। उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे ऊपर चढ़ गया।
मेरे बूब्स को चूस-चूस कर उसने बबल गम बना दिए थे। फिर उसने मेरा लोअर उतार दिया। पैंटी स्मेट। मैंने कल ही अपनी चूत को शेव किया था, जिससे मेरी चूत बहुत ही साफ लग रही थी। फिर उसने मेरी चूत में अपनी एक उंगली दे दी, जिससे मेरी सिर में लेहरें दौड़ उठीं। और मेरी चूत को चाटने लगा। वो कभी उंगली देता और कभी चाटता। इधर मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
मैं सिसकारियां ले रही थी, “आह्ह… सोनू भाई… ओह्ह… तेरी जीभ कितनी गरम है… इह्ह… चूत चाट… और अंदर… आऊऊ…” वो जीभ को चूत के होंठों पर रगड़ रहा था, कभी क्लिट पर चूस रहा था, कभी उंगली डालकर घुमा रहा था। मेरी चूत से रस बहने लगा, कमर अपने आप उभलने लगी। “ओह्ह… भाई… तेरी उंगली… आह्ह… चूत फाड़ देगी… मम्म… चाट जोर से…” वो तेजी से चाट रहा था, मेरी टांगें कांप रही थीं।
फिर मेरी चूत से पानी निकल गया और वो पी गया। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत में रखा और चोदना शुरू कर दिया। हम दोनों बेड पर थे, 69 पोज में। वो मुझे चोद रहा था। वो बहुत तेज-तेज झटके मार रहा था। मैं भी उछल-उछल कर मरवा रही थी। थोड़ी देर बाद उसने मुझे मिशनरी में लेटने को कहा।
और मेरी चूत के नीचे पिलो दे दिया, जिससे मेरी गांड और भी उठ गई। फिर उसने टिश्यू लिया और मेरी चूत का पानी साफ किया। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला। “उइइइइइइइइ… मा… आआआ…” कया मजा आया था, क्या बताऊं यार। मेरे तो सिसकारियों से मरकट हो गए थे मजा से। मैं “फक… फक मी… भाई… ओह्ह… तेरा लंड कितना मोटा है… आह्ह… चूत फाड़ रहा है…” बोल रही थी।
वो आराम से झटके लगा रहा था। उसने अपने झटकों की स्पीड तेज की और जोश में आगे-पीछे करने लगा। मैं भी आगे-पीछे होकर उसका साथ दे रही थी। अचानक से वो झड़ने वाला था। उसने कहा, “ज्योति मैं झड़ने वाला हूं।” मैंने कहा, “अंदर में चोदना भाई।” मैं फटाफट से उठी और अपना मुंह उसके लंड के आगे कर लिया।
और सफेद पिचकारियां मेरे मुंह के आस-पास गिरने लगीं। मैं उसका सारा पानी पी गई। और हम दोनों ऐसे ही बिना कपड़ों के लेटे रहे। फिर अचानक उसे याद आया कि उसे अपने रूम में जाना चाहिए तो उसने अपने कपड़े पहने और विंडो के थ्रू अपने रूम में चला गया। उसके बाद वो रोज रात को विंडो से आकर मेरी चुदाई करता।
मुझे उससे चुदवाने की आदत हो गई थी। उसके लंड के बिना मैं खुश नहीं रह सकती थी। हम दिन में 2 या 3 बार सेक्स करते थे।
दोस्तों, कैसी लगी मेरी सेक्स भरी स्टोरी? कमेंट करो ना यार।
कहानी का अगला भाग: बहन ने भाई को दी अपनी गांड का तोहफा