नमस्ते। मैं रागिनी हूं। आज आपको अपनी पहली चुदाई का किस्सा सुनाती हूं। मेरी अंग्रेजी अच्छी नहीं है इसलिए हिंदी में लिख रही हूं।
यह सात अप्रैल दो हजार तीन की बात है। मैं तब ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी। मेरी उम्र उन्नीस साल थी। ऊंचाई पांच फुट तीन इंच थी। मेरा बदन नाजुक था। साइज चौंतीस छब्बीस चौंतीस था। मेरे स्तन टाइट गोरे बदन पर थे। मेरे बाल बहुत लंबे और घने काले थे।
मेरी एक बड़ी बहन थी जिसकी शादी दो साल पहले हो चुकी थी। अब मैं अपने मां बाप की इकलौती लड़की थी। मम्मी पापा के अलावा हमारी दादी भी साथ रहती थीं। हम दिल्ली में अपने घर में रहते थे। पहले फ्लोर पर और नीचे के फ्लोर पर हमने दो किरायेदार रखे हुए थे।
नीचे फ्लोर में एक टीचर भी रहते थे शिवम। उनसे मैं ट्यूशन पढ़ती थी। वे बत्तीस तैंतीस साल के थे। उनके दो बच्चे और बीवी साथ रहती थी। शिवम जी की मैं बहुत इज्जत करती थी। कभी सोचा भी नहीं था कि वही होंगे जो मुझे पहली बार चोदेंगे।
हालांकि स्कूल में बहुत लड़के मुझे लाइन मारते थे पर मैं बहुत डरती थी। मेरी एक सहेली थी निशा। उसको उसका पड़ोसी लड़का कई बार चोद चुका था। और वह मुझे सब कुछ बताती थी। मेरा मन भी बहुत करता था पर डर बहुत लगता था।
शिवम मुझे मैथ्स पढ़ाते थे। मैंने कई बार नोट किया था कि वे मेरे बदन को बहुत घूरते थे। पर मैंने कभी वैसा नहीं सोचा था। एक बार उन्होंने मुझे एक मैगजीन दी और कहा रागिनी इसे अकेले में पढ़ना। किसी को मत बताना।
उस दिन मैं पूरा बेचैन रही। रात को मैंने अपने कमरे में वह मैगजीन खोली तो दंग रह गई। उसमें चुदाई की तस्वीरें थीं। बिल्कुल नंगी। मैं बिल्कुल लाल हो गई। मैंने एक एक तस्वीर देख डाली। मेरे पूरे बदन में आग सी फैल गई।
इतने में फोन की रिंग बजी। मैंने फोन उठाया तो शिवम थे। रागिनी कैसी लगी किताब। मेरी तो आवाज ही नहीं निकल रही थी। वे बोले घबराओ नहीं। मैं तुम्हें ऐसे ही मजे दूंगा। किसी को बताना मत।
अगले दिन ट्यूशन में मैं उनसे आंख नहीं मिला पा रही थी। और वे मुझे स्माइल दे रहे थे। उस रात फिर बारह बजे उनका फोन आया। वे बोले फोन की टोन कम कर दो। कोई सुन न ले। फिर वे बोले तूने कभी किस किया है। मैंने कहा नहीं।
क्या। वाओ। मैं तुम्हें किस करूं। मैंने कहा नहीं प्लीज। अच्छा फोन पर तो कर सकते हैं। और वे मुझे मनाने लगे। गिड़गिड़ाने लगे। आखिर मैंने कहा ओके फोन पर कर लो। उन्होंने फोन पर मुझे लंबी सी किस की।
मैं गर्म होने लगी थी। एक अजीब सी सिहरन मेरे पूरे बदन में दौड़ने लगी। वे बोले ये तेरे होठों पर। तेरे गोरे गालों पर। किस। तेरे मुंमों पर। तेरी पतली कमर पर। मैं बिल्कुल लाल हो गई थी। तेरी चुत पर। चुत सुनते ही मैं कांपने लगी।
वे बोले तू अब मुझे किस कर। मैंने मना कर दिया। वे फिर रिक्वेस्ट करने लगे। मैंने कहा ओके लो किस। हाई मेरी माधुरी। मैं थोड़ी माधुरी दीक्षित की तरह दिखती हूं। आई लव यू। वे बोले कहां पर की है। मैंने कहा लिप्स पर। वे बोले प्लीज मेरे लंड पर करना। कितना तरस रहा है तेरे होठों से चुसवाने के लिए।
मैं तो पागल हो गई। मेरे कानों में जैसे गर्म लोहा डाल दिया हो। और मैंने फोन रख दिया। बाद में रिंग कई बार बजी पर मैंने नहीं उठाया। उस रात मैं सो न सकी।
अगले दिन मैंने यह सब निशा को बताया। वह तो मुस्कुरा दी। कहने लगी तू चीज ही ऐसी है कि कोई भी पागल हो जाए। बेचारा शिवम। सुन वह एक्सपीरियंस्ड है। खूब मजे देगा। एक बार चुदवा कर देख तो सही।
उस दिन मैं ट्यूशन नहीं गई। रात को बारह बजे फिर शिवम का फोन आया। वे फोन पर माफी मांगने लगे। मेरा दिल भी पसीज गया। मैंने कहा मैं नाराज नहीं हूं। इट्स ओके। वह खुश हो गए। क्या हम फोन पर तो कर सकते हैं। उसने मुझे मनाया। मैं मान गई।
फिर उसने मुझे तीस मिनट तक फोन पर सेक्सुअल बातें कीं। ऐसी गंदी गंदी गर्म बातें कीं कि मैं दो बार झड़ गई। और वह तब तक बातें करता रहा जब तक मैंने उन्हें पांच रियल लिप्स किसेस देने का प्रॉमिस नहीं कर दिया।
अगले दिन उनकी बीवी और बच्चे गांव चले गए। अब वे रूम में अकेले रहते थे। रात को उन्होंने मुझे फोन किया और रूम में आने को कहा। मैं नहीं मानी और कहा अगर तुमने और कुछ भी किया तो। उन्होंने कसम खाई और कहा मेरी जान। बस पांच किस करूंगा। और कुछ नहीं। प्रॉमिस।
बाद में मैं मान गई और अपने रूम को धीरे से बंद करके नीचे ग्राउंड फ्लोर पर उनके रूम के बाहर आ गई। हल्के से दरवाजा खुला और उन्होंने मुझे हाथ पकड़ कर अंदर खींच लिया। अंदर बिल्कुल अंधेरा था। उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद किया।
और उसने मुझे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया। और मेरे होठों को चूमने लगा। धीरे धीरे काटते हुए वह मेरे लिप्स चूसने लगा। उनकी जुबान मेरे दांतों पर दबाव डाल रही थी। मैं समझ गई वह मेरे मुंह में अपनी जुबान डालना चाहते हैं। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। आखिर मैंने अपना मुंह खोल दिया और उनकी जुबान मेरे मुंह में आ गई।
उन्होंने मेरी जुबान को कस लिया और सक करने लगे। मैं तो पागल सी हो गई। जैसे जन्नत का मजा आ रहा हो। मुझे नहीं मालूम था कि इतना मजा आता है। जब किसिंग में इतना मजा है तो उस सब में कितना होगा। वह मुझे सक किए जा रहे थे।
फिर मैंने महसूस किया उनके हाथ मेरी पीठ पर चल रहे थे। और उन्होंने मुझे अपनी ओर कस लिया था। अब मैं उनसे चिपकी हुई थी। उनका गर्म बदन और सांसें मैं महसूस कर रही थी। फिर उनका बाया हाथ मेरी वेस्ट पर रुक गया। और बाया हाथ धीरे से मेरे बाईं चुची पर आ गया।
मेरी तो सांस ही रुक गई। मैं पूरी तरह से कांप गई। और मैंने कसमसा कर उनको हटाने की नाकाम कोशिश की। पर उन्होंने मुझे कस के दबोचा हुआ था। मैंने कहा प्लीज रुक जाओ। प्लीज। और वह रुक गए। कहा क्या हुआ। मैंने कहा प्लीज इन्हें हाथ मत लगाओ। हमारी सिर्फ किस तक थी। ये तो बहुत ज्यादा है। मैं यह सब नहीं करूंगी। प्लीज। मुझे जाने दो।
वे बोले ओके बाबा। किस की थी तो पांच किस तो दो। अभी तो एक हुई है। पर मैं नहीं मानी। आखिर वह मनाते रहे। करीब दस मिनट तक मनाते रहे और रोने भी लगे। मुझे बाद में तरस आ गया और मैं सिर्फ चार बाकी किस के लिए तैयार हो गई।
उन्होंने मेरा चेहरा अपने हाथों में लिया और मेरे लोअर लिप्स को चूसने लगे। चूसते रहे करीब तीन चार मिनट तक। मैं बेताब हो गई। उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने कंधे पर रखकर लपेट लिया। मेरी चुचियां उनकी छाती से सट गई थीं। और फिर उन्होंने अपने हाथों को मेरी पीठ पर फेरना शुरू कर दिया।
फिर इसी तरह से करते हुए उन्होंने फिर से मुझे फ्रेंच किसिंग में उलझा लिया। मैं पूरी तरह से खो गई। फिर उन्होंने कहा कि मैं दीवार की तरफ मुंह करके खड़ी हो जाऊं। मैं मान गई। अब मैं दीवार की तरफ थी और मेरी पीठ उनकी तरफ थी। उन्होंने फिर मेरी वेस्ट पर हाथ रखकर मेरे कान के नीचे जीभ से चाटने लगे।
मैं पागल हो गई। इतना मजा आ रहा था। फिर धीरे धीरे उन्होंने नेक पर बाइट्स करनी शुरू की। मैं आहें भरने लगी थी। उन्होंने मेरे कान में कहा रागिनी मेरी जान। तू बहुत नमकीन है। आई लव यू। मैं सिर्फ शिवम ही कह सकी कि मैंने महसूस किया मेरी एस के बीचों बीच उनका वह गर्म लोहा लगा हुआ था।
और मुझे लगता है वह मेरे पीछे बिना अंडरवियर के लगे हुए थे। मुझे डर भी लगा और अच्छा सा लगा। मैं एक्साइट सी हो गई। और अपनी गांड उनकी तरफ कर दी ताकि उनका वह ठीक से एडजस्ट हो सके। उनके हाथ अब धीरे से मेरी सलवार के नाड़े पर आ गए। उन्होंने मुझे किस करते हुए एक झटके से मेरी सलवार खोल दी।
मेरी सलवार नीचे गिर गई। तुरंत ही उन्होंने मेरी कच्छी भी कस के पकड़ ली और उतारने लगे। अब मेरी नंगी गांड पर उनका लंड लगा हुआ था। फिर उन्होंने मेरी कमीज उतार दी। मैंने भी सहूलियत के लिए हाथ ऊपर कर दिए। मेरी कमीज उतारने के बाद उन्होंने पीछे से मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया। और एक झटके से मेरी ब्रा हटा कर दूर फेंक दी।
मैं तो शर्म से लाल हो गई। पहली बार किसी मर्द के सामने नंगी हो रही थी। वह तो रूम में अंधेरा था वरना तो मैं मर जाती। फिर उन्होंने मेरे पीछे से ही मेरे बूब्स को पकड़ लिया और मलने लगे। उन्होंने निप्पल्स को मसलना स्टार्ट किया तो मैं रोने लगी। पर उन्हें कोई परवाह नहीं थी। बल्कि मुझे दीवार के सहारे कस के दबोचा हुआ था।
मेरी गांड पर उनका लंड सटा हुआ था। और मेरे बूब्स उनकी मुट्ठी में थे। उन्होंने उंगली और अंगूठे के बीच मेरे निप्पल्स को बेदर्दी से मसल रहे थे। मैं पागल सी हो गई थी। दस मिनट बाद उन्होंने मुझे छोड़ा और बेड पर बैठने को कहा। मैं बैठ गई। उन्होंने बेड के साइड वाला लैंप शेड ऑन कर दिया।
जैसे ही रोशनी हुई मैं अपने बदन को छिपाने लगी और चादर खींच कर अपनी ओर करने लगी। पर उन्होंने वह चादर फेंक दी। मैं एक कबूतरी की तरह अपने शिकारी के सामने थी। और वह मुझे ऊपर से नीचे तक निहार रहे थे। उनका लंबा तना हुआ लंड मेरे सामने था। मैंने शर्म से आंखें बंद कर लीं।
उन्होंने कहा रागिनी आंखें खोलो और इसको प्यार करो। पकड़ो। नहीं प्लीज। उन्होंने जबरदस्ती मेरे हाथों को अपने लंड पर रख दिया। पता है यह बारह इंच लंबा और चार इंच मोटा है। जैसे कि घोड़े का लंड हो। चल साली इसे मुंह में ले। मेरी रंडी। रंडी सुनते ही मैंने तुरंत आंखें खोल दीं और गुस्से से उनको देखा।
वह समझ गए। बोले यार सेक्स में रूड होना पड़ता है तभी तो मजा है। चल चूस इसे। चाट कुल्फी की तरह। देखना और टन जाएगा। नहीं प्लीज। ये नहीं। और कुछ भी कहोगे करूंगी पर मुंह में नहीं। प्लीज। वह मायूस हो गए। कोई बात नहीं जान। चल अब लेट जा।
और मैं लेट गई। अब वह खड़े हुए थे। मैं बेड पर आधी लेटी हुई थी। मेरे लेग्स जमीन पर थे। उन्होंने मेरे लेग्स पकड़ कर फैला लिए। और अपने लंड की टोपी मेरी चुत के ऊपर रख दी। जान। थोड़ा दर्द होगा। प्लीज। मैंने हां में सर हिला दिया। और उन्होंने एक झटका दिया। उनका आधा टोपा मेरी चुत फाड़ता हुआ अंदर घुस गया।
मैं दर्द से चिल्ला उठी और रोने लगी। वह रुक गए। और मेरी गांड उठा कर एक गोल तकिया नीचे रख दिया। अब मेरी चुत थोड़ा ऊपर हो गई थी। वह मेरे ऊपर झुक गए। मेरे होठों को अपने मुंह में ले कर। लंड का एक जोरदार झटका दिया। मेरी चीख ही निकलते निकलते रह गई।
उन्होंने मेरे होठों को अपने होठों से सील रखा था। पर मैं दर्द से कराह रही थी। और वह रुक गए थे। उनका आधा लंड घुस चुका था। दो तीन मिनट के बाद उन्होंने धीरे धीरे अंदर बाहर करना स्टार्ट किया। मैं अभी भी दर्द से मरी जा रही थी।
फिर रुक कर उन्होंने कहा साली अगर तू मुंह में ले लेती तो लंड चिकना हो जाता और तुझे अब इतना दर्द नहीं होता। अब सूखा ले। और थोड़ा रुक कर एक जोरदार झटका दिया। सनसनाता पूरा लंड मेरी चुत में घुस गया। अब वह नहीं रुके और मुझे चोदने लगे। बिजली की तरह उनका लंड अंदर बाहर आ रहा था। और मैं दर्द से तड़प रही थी।
आठ दस मिनट के बाद मुझे भी खूब मजा आने लगा। मैंने अपने लेग्स उनकी कमर पर कैंची की तरह कस दिए। और मैं भी अब गांड उठा उठा कर रिदम देने लगी। वे बोले शाबाश रानी। अब तू रंडी हो गई है। मैं इस दौरान तीन चार बार चुत चुकी थी। और वह थे कि रुकने का नाम नहीं था।
पंद्रह सोलह मिनट चोदने के बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बन जाने को कहा। मैं उठ कर फर्श पर आ गई और घोड़ी स्टाइल में हो गई। उन्होंने मेरी कमर पकड़ कर अपना लंड पीछे से मेरी चुत में डाल दिया। मुझे फिर दर्द होने लगा। पर उन्होंने मुझे समझाया कि बाद में मजा आएगा। ये सब से अच्छी स्टाइल है। मेरी सहेली भी यही कहती थी।
मैं मान गई और पीछे पुश कर कर के रिदम मिलाने लगी। दस बारह मिनट के बाद वह मेरी चुत में झड़ गए। इस तरह से हम दोनों पूरी तरह थक चुके थे। और साथ साथ लेट गए। उन्होंने मुझे प्यार से चूमा। थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे एक गोली दी। कहा ये खा ले। तू प्रेग्नेंट नहीं होगी। अब मैं समझी उन्होंने कंडोम क्यों नहीं लगाया था।
कुछ देर बाद उन्होंने मुझे कहा रागिनी और मजा लेगी। और उन्होंने अपना लंड जो कि फिर खड़ा हो गया था मेरे हाथ में दे दिया। प्लीज इसे प्यार करो। मैंने कहा नहीं ये सब मुझे अच्छा नहीं लगता। आप इसके सिवा कुछ भी कहेंगे मैं करूंगी। ठीक है। अब मुझे तुम्हारी गांड चाहिए। मैं डर गई। नहीं।
पर उन्होंने मुझे उल्टा किया और मेरी गांड पर अपना लंड टिका दिया। मैं समझ चुकी थी अब मुझे गांड देनी ही पड़ेगी। मेरी सहेली भी गांड मरवा चुकी है। कहती थी कि कुछ मर्दों की हवस इसी से शांत होती है। यह सोच कर मैं मान गई कि जब इन्होंने मुझे इतना मजा दिया है तो मैं भी इनको क्यों न खुश करूं।
और मैंने अपनी गांड उनके लंड की तरफ एडजस्ट कर दी। अब मैं नीचे पेट के बल लेटी हुई थी और वह मेरे ऊपर लेटे हुए थे। उनका लंड मेरी गांड पर टिका था। उन्होंने फिर से दो तकिए लिए और मेरे स्टमक के नीचे रख दिए। अब मेरी गांड ऊपर हो गई थी। उन्होंने मेरे गांड के छेद पर थूक लगाया और लंड टिका दिया।
फिर एक गहरी सांस ली और धीरे धीरे लंड घुसाने लगे। उनका टोपा ही अंदर जा सका। पर मेरी चीख निकलने वाली थी। उन्होंने फिर थूक लगाया और ट्राई किया लेकिन वह नहीं गया। मैं भी चीख रोकने के लिए दांतों से अपने लोअर लिप्स को भींच रखा था।
अबके उन्होंने मुझे घोड़ी स्टाइल में किया और लैंप शेड की लाइट एडजस्ट कर दी। अब मेरी गांड का छेद उन्हें साफ नजर आ रहा था। उन्होंने फिर थूक लगाया और लंड को छेद पे टिका के मेरी कमर पकड़ कर तेजी से धक्का दिया। चीयर। उनका आधे से ज्यादा लंड घुस गया था। फिर वह नहीं रुके। अंदर बाहर। और मेरा रोना निकल रहा था। पर मजा भी बहुत आने लगा। करीब पंद्रह मिनट बाद वह रुके और अंदर ही निकाल दिया।
इस तरह रात के तीन बज चुके थे। मैंने अपने कपड़े पहने और अपने रूम में चली गई। अगले दिन मैं बिस्तर से उठ भी नहीं सकी। मैं स्कूल नहीं गई। फीवर का बहाना मार कर लेटी रही। रात को फिर ग्यारह बजे उनका फोन आया। लाख कोशिश के बावजूद मैं अपने को रोक नहीं सकी। और उनके रूम में फिर आ गई।
उस रात उन्होंने मुझे लंड चूसने वाला एक्सएक्सएक्स दिखाया। उन्होंने आखिर मुझे मना ही लिया। और मुझे उन्हें ब्लो जॉब देने पड़े। यह सब अगले छह रात तक चला। उन्होंने मुझे खूब लंड दिया। हर तरह से। हर स्टाइल में मुझे चोदा। उन्होंने मुझे बिस्तर के साथ बांध कर भी चोदा।
सात दिन बाद उनकी वाइफ आ गई। और हमें वह सब रोकना पड़ा। बाद में उन्होंने अपने एक दोस्त के फ्लैट का इंतजाम किया। पर हम तीन चार बार ही चुदाई कर पाए। फिर उनकी बीवी को हमारी चुदाई का पता चल गया और वह घर छोड़ कर चले गए। फिर कोई कॉन्टैक्ट नहीं किया। पर मैं आज तक उन्हें नहीं भूली। हालांकि बाद में मेरे दो बॉयफ्रेंड भी बने पर उनमें वह बात नहीं थी।