XXX Damad Sas Chudai
मेरा नाम आशुतोष है। उम्र 28 साल। शादी को ठीक दो साल हुए हैं। मेरी बीवी निशा बहुत अच्छी है लेकिन दिन भर ऑफिस में रहती है। घर में उसके मम्मी पापा भी रहते थे पर पापा का देहांत हो गया। अब सिर्फ नीलम मां हैं। उनकी उम्र 48 साल है लेकिन बॉडी अभी भी जवां है। XXX Damad Sas Chudai
बड़े-बड़े स्तन, मोटी कमर और गोल-गोल गांड। साड़ी में वे इतनी हॉट लगती हैं कि देखते ही मन में कुछ गलत खयाल आने लगते हैं। एक दिन निशा सुबह ऑफिस चली गई। मैं छुट्टी पर था। नहाकर बाहर निकला तो सिर्फ तौलिया लपेट रखा था। नीलम मां सोफे पर बैठी टीवी देख रही थीं।
अचानक तौलिया खिसक गया। मेरा सात इंच लंबा और मोटा लंड पूरी तरह बाहर आ गया। नीलम मां की नजर सीधे उस पर पड़ गई। वे एकदम चौंक गईं। आंखें फटी की फटी रह गईं लेकिन नजर हटाई नहीं। मैंने जल्दी से तौलिया संभाल लिया पर उनका चेहरा लाल हो चुका था।
उस दिन के बाद से नीलम मां मेरी तरफ अजीब नजरों से देखने लगीं। मैंने नोटिस किया कि वे बार-बार मेरी जांघों की तरफ देख लेती हैं। मुझे समझ आ गया कि मौका हाथ लग गया है। अगले दिन मैंने प्लान बनाया। बिना जांघिया पहने ढीली शॉर्ट्स डाल ली। लंड का उभार साफ दिख रहा था। नीलम मां पास में बैठी चाय पी रही थीं। मैं उनके बिल्कुल करीब बैठ गया।
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मैंने हल्के से पूछा, “मां जी, आप आजकल बहुत उदास लग रही हैं। क्या बात है?”
वे बोलीं, “कुछ नहीं बेटा, बस ऐसे ही।”
लेकिन उनकी आंखें मेरे शॉर्ट्स पर टिकी हुई थीं। मैंने जानबूझकर अपने पैर थोड़े और फैला दिए। ढीले शॉर्ट्स के नीचे से मेरा लंड का सिरा बाहर झांकने लगा। नीलम मां की सांसें तेज हो गईं। उनकी गर्दन में हल्की-हल्की नसें उभर आईं। गला सूख गया था, वे बार-बार थूक निगल रही थीं।
मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, “मां जी, कल आपने देख लिया था न मेरा लंड। निशा कहती है कि बहुत बड़ा और मोटा है। आप भी देखना चाहती हो क्या?”
नीलम शर्मा गईं। चेहरा एकदम लाल हो गया। “आशुतोष… ये क्या बातें कर रहे हो। मैं तुम्हारी सास हूं। ये सब गलत है बेटा।”
पर उनकी आवाज कांप रही थी। आंखें मेरे शॉर्ट्स से हट नहीं रही थीं। मैंने धीरे से शॉर्ट्स नीचे कर दिया। पूरा सात इंच लंबा, मोटा, नसों से भरा सख्त लंड बाहर आ गया। टिप पर पहले से ही थोड़ा प्रीकम चमक रहा था। नीलम उसे घूर रही थीं। उनकी सांसें और तेज हो गईं। आंखें फटी की फटी रह गईं, लेकिन हटाई नहीं।
मैंने उनका दायां हाथ पकड़ा और धीरे से अपने लंड पर रख दिया। “छूकर देखो मां जी… कितना सख्त हो रहा है… आपके लिए।”
वे हिचकिचाईं। हाथ हटाने की कोशिश की, लेकिन मैंने हल्का सा दबाव बनाया। फिर धीरे-धीरे उनकी उंगलियां लंड के चारों तरफ लिपट गईं। वे सहलाने लगीं। पहले हल्के-हल्के, फिर थोड़ा जोर से। उनकी हथेली गर्म थी। लंड और सख्त हो गया। मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
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उनके होंठों पर होंठ रख दिए। पहले तो नीलम ने मुंह मोड़ने की कोशिश की, लेकिन दो-तीन सेकंड बाद ही उनके होंठ भी मेरे होंठों से मिल गए। मैंने जीभ अंदर डाली। उनकी जीभ से टकराई। वे पहले हल्का विरोध कर रही थीं, फिर धीरे-धीरे जवाब देने लगीं। किस गहरी होती गई। दोनों की सांसें तेज।
मैंने उनकी साड़ी का पल्लू धीरे से खींचा। ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोले। ब्लाउज खुलते ही उनके भारी-भारी, गोरे स्तन बाहर आ गए। ब्रा से बाहर झांक रहे थे। मैंने ब्रा के हुक पीछे से खोले। दोनों स्तन पूरी तरह आजाद हो गए। निप्पल्स पहले से ही सख्त और उठे हुए थे। मैंने एक स्तन को दोनों हाथों से पकड़ा, हल्का दबाया और मुंह में ले लिया। जीभ से निप्पल को घुमाया, फिर हल्के से दांतों से काटा।
नीलम की आह निकली, “आह्ह… आशुतोष… क्या कर रहे हो बेटा… ओह्ह…”
मैंने दूसरे स्तन को जोर से मसला, निप्पल को चूसा। जीभ से बार-बार चाटा। नीलम कराह रही थीं, “इह्ह… हां… और जोर से… मत रुको…” मैंने उनकी साड़ी की पूरी लंबाई खोल दी। पेटीकोट की नाड़ी एक झटके में खींचकर खोल दी। पेटीकोट जमीन पर गिर गया।
अब वे सिर्फ काली ब्रा और पैंटी में थीं। पैंटी के बीच में बड़ा गहरा गीला धब्बा साफ दिख रहा था। मैंने पैंटी को धीरे से नीचे सरका दिया। नीलम की चूत पूरी तरह नंगी हो गई। हल्के-हल्के काले बाल, मोटी-मोटी होंठ, और बीच में से रस टपक रहा था। पूरी चूत चमक रही थी।
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मैंने अपनी तर्जनी उंगली से क्लिटोरिस को हल्के से सहलाया। नीलम ने आंखें बंद कर लीं। “आह्ह… उंगली मत डालो… ऊऊ…” मैंने उंगली को और नीचे सरकाया और धीरे से दो उंगलियां अंदर डाल दीं। चूत बहुत गीली थी। उंगलियां आसानी से चली गईं। मैंने अंदर-बाहर करना शुरू किया।
पहले धीरे-धीरे, फिर स्पीड बढ़ाई। नीलम पागल हो रही थीं। “हां बेटा… और तेज… आह… मेरी चूत में उंगलियां करो…” फिर मैं घुटनों के बल बैठ गया। उनका एक पैर सोफे पर रख दिया, दूसरा फैलाकर रखा। चूत मेरे मुंह के सामने थी। मैंने जीभ निकाली और क्लिटोरिस पर रख दी।
धीरे-धीरे घुमाने लगा। फिर पूरी जीभ से चाटना शुरू किया। चट-चट-चट… जोर-जोर से। नीलम चीख रही थीं, “ओह मां… आशुतोष… तुम मुझे पागल कर दोगे… आऊ… ऊई… चाटो और जोर से…” मैंने क्लिटोरिस को होंठों में दबाया और चूसा। जीभ से तेज-तेज घुमाया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
नीलम की कमर उठ-उठ रही थी। दोनों हाथ मेरे सिर पर थे। वे मेरे बाल खींच रही थीं। अचानक उनका पूरा शरीर कांप गया। चूत से गर्म रस निकलने लगा। वे जोर से चीखीं, “आह्ह्ह… मैं आ गई बेटा… ऊऊ…” उनका पहला ऑर्गेज्म पूरा हुआ। वे हांफ रही थीं।
अब नीलम ने मेरी तरफ देखा। उनकी आंखों में अब शर्म कम और भूख ज्यादा थी। उन्होंने मेरा लंड पकड़ा। इसे कई बार ऊपर-नीचे किया। फिर मुंह के पास ले गईं। पहले टिप को जीभ से चाटा। फिर धीरे-धीरे मुंह में लिया। गर्म-गर्म मुंह में लंड घुसता हुआ महसूस हुआ।
वे चूसने लगीं। पहले धीरे, फिर गहराई तक। ग्ग्ग… गी… गों… गोग… की आवाजें आने लगीं। मैंने उनका सिर पकड़ा और हल्का सा दबाया। लंड गले तक चला गया। नीलम की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन वे रुकी नहीं। पूरी तरह गले तक ले जा रही थीं।
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मैंने कहा, “हां मां जी… चूसो मेरे लंड को… अच्छे से चूसो…”
कुछ मिनट बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया। उनका एक पैर ऊपर उठाया। लंड को चूत के मुंह पर रखकर रगड़ने लगा। टिप बार-बार क्लिटोरिस से टकरा रही थी। नीलम कराह रही थीं।
मैंने पूछा, “मां जी… अब डालूंगा आपकी चूत में।”
वे बोलीं, “हां बेटा… डाल दो… मेरी भूखी चूत में अपना मोटा लंड…”
मैंने टिप को चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। चूत टाइट थी, लेकिन बहुत गीली। सिरा अंदर चला गया। नीलम की आंखें बंद हो गईं। “आह्ह… कितना मोटा है… ऊऊ… धीरे… धीरे…” मैंने और दबाव डाला। पूरा लंड धीरे-धीरे अंदर जाता हुआ महसूस हुआ। आखिर में पूरी जड़ तक घुस गया। “XXX Damad Sas Chudai”
नीलम की चूत मेरे लंड को कसकर दबा रही थी। मैंने कुछ सेकंड रुककर उन्हें एडजस्ट होने दिया। फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। पिच… पिच… पच… पच… की आवाजें आने लगीं। नीलम चिल्ला रही थीं, “आह… हां… चोदो मुझे… तुम्हारी सास की चूत फाड़ दो… ओह्ह… जोर से ठोको…”
मैंने स्पीड बढ़ा दी। उनके ऊपर झुककर स्तनों को चूसता हुआ जोर-जोर से ठोक रहा था। हर धक्के पर उनके भारी स्तन उछल रहे थे। नीलम की टांगें मेरी कमर पर कसकर लिपट गईं। नाखून मेरी पीठ में गड़ रहे थे। फिर मैंने उन्हें पलटा। घोड़ी बनाया। उनकी मोटी, गोल गांड मेरे सामने थी।
मैंने लंड को पीछे से चूत पर रखा और एक झटके में पूरा घुसा दिया। नीलम चीखीं। “आऊ… ऊऊ… हां बेटा… फाड़ दो मेरी चूत…” मैंने दोनों तरफ से कमर पकड़ी और पूरी ताकत से ठोकना शुरू किया। थप… थप… थप… थप… की तेज आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं।
नीलम की गांड हर धक्के पर हिल रही थी। मैंने उनकी गांड पर दो-तीन जोरदार थप्पड़ मारे। “ले मां जी… ले मेरी चुदाई…” फिर नीलम ने मुझे पीठ के बल लिटाया। खुद ऊपर चढ़ गईं। लंड को हाथ से पकड़ा और अपनी चूत पर सेट किया। धीरे-धीरे बैठ गईं। पूरा लंड अंदर चला गया। “XXX Damad Sas Chudai”
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वे ऊपर-नीचे होने लगीं। उनके भारी स्तन तेजी से उछल रहे थे। मैंने दोनों स्तनों को पकड़ा और निप्पल्स को दबाया। “हां मां जी… राइड करो मेरे लंड पर… तेज करो…” नीलम स्पीड बढ़ा रही थीं। उनकी चूत मेरे लंड को कस-कसकर दबा रही थी। वे कराह रही थीं, “आह… ओह… मैं फिर आ रही हूं… ऊईई…” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उनका दूसरा ऑर्गेज्म आया। पूरा शरीर कांप गया। मैं भी अब झड़ने के करीब था। मैंने उनकी कमर दोनों हाथों से कसकर पकड़ी। नीचे से जोर-जोर से ऊपर ठोका। आखिर में एक बहुत जोरदार झटका दिया और गर्म-गर्म वीर्य नीलम की चूत के अंदर छोड़ दिया। “आह्ह… ले मां जी… मेरा गर्म माल…”
वे भी साथ में फिर झड़ गईं। दोनों हांफते हुए एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। नीलम ने मेरे कान में फुसफुसाकर कहा, “आशुतोष… ये हमारा राज रहेगा। कभी किसी को मत बताना।” मैं मुस्कुराया, “हां मां जी… जब भी मौका मिलेगा हम ऐसे ही चुदाई करेंगे।” तब से जब भी निशा ऑफिस जाती है, नीलम मां और मैं मौका देखकर एक-दूसरे को चोदते हैं।
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